What is Software Testing : Bug Boundy in 2022

By | August 26, 2022

What is Software Testing : Bug Boundy in 2022 :- आजकल Software and Applications का use हर जगह होने लगा है यानी हॉस्पिटल्स में, Shops में, Traffic में और बिजनेस में भी, ऐसे में अगर सॉफ्टवेयर की टेस्टिंग का प्रोसेस ना किया जाए तो यह बहुत ही डेंजरस साबित हो सकता है क्योंकि इससे सिक्योरिटी इश्यूज हो सकते हैं Money Loss हो सकता है और Health Sector में Death जैसे cases भी हो सकते हैं यानी कि एक Application को बिना टेस्ट किए लांच या डिलीवर करने से यूजर्स को कई स्मॉल और बड़ी Problems Face करनी पड़ सकती है तो क्या इसका मतलब सॉफ्टवेयर टेस्टिंग एक important task है, जी हां बिल्कुल |

सॉफ्टवेयर टेस्टिंग को इतनी importance दिए जाने का reason यह है कि अगर सॉफ्टवेयर में कोई Bugs या Errors हो तो उन्हें जल्दी ही आईडेंटिफाई किया जा सके और सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट की डिलीवरी से पहले उसे सॉल्व कर दिया जाए क्योंकि Properly Tested सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट रिलायबिलिटी सिक्योरिटी और हाई परफॉर्मेंस को insure करते हैं | और इसमें टाइम कम लगता है कॉस्ट कम लगती है और कस्टमर सेटिस्फेक्शन काफी इनक्रीस होता है |

What is Software Testing : Bug Boundy in 2022

What is Software Testing : Bug Boundy in 2022

सॉफ्टवेयर टेस्टिंग ये चेक करने का मेथड है कि एक्चुअल सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट एक्सपेक्टेड रिक्वायरमेंट से मैच कर रहा है या नहीं और सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट defect फ्री है या नहीं इसका बेसिक Goal होता है सॉफ्टवेयर में से Bugs को एलिमिनेट करना और उसकी परफॉर्मेंस यूजर एक्सपीरियंस सिक्योरिटी जैसे aspects को enhance करना और इस तरह की गई सॉफ्टवेयर टेस्टिंग से सॉफ्टवेयर कि ओवरऑल क्वालिटी को सुधारा जा सकता है | जिससे ग्रेट कस्टमर सेटिस्फेक्शन मिलता है |

What is Software Testing : Bug Boundy in 2022

वैसे क्या आपको पता है कि एक सॉफ्टवेयर टेस्टर क्या करता है सॉफ्टवेयर टेस्टर Requirement Document को समझता है टेस्ट केसेस को क्रिएट करता है उन्हें एग्जीक्यूट करता है | Bugs की रिपोर्टिंग और Retesting करता है, Review Meeting attend करता है और Other टीम बिल्डिंग activities में भी बांट लेता है 

अब अगर आपको भी सॉफ्टवेयर टेस्टिंग के फील्ड में इंटरेस्ट है तो इस सॉफ्टवेयर टेस्टिंग को अच्छी तरीके से समझ लेना फायदेमंद रहेगा इसलिए आगे article में इसके बारे में डिटेल में बात करते हैं |

Software Testing को 2 Steps में devide किया जा सकता है |

  1. Varification
  2. Validation

Varification उन Task के Set को रेफर करता है जो यह इंश्योर करते हैं कि सॉफ्टवेयर एक स्पेसिफिक फंक्शन को सही से इंप्लीमेंट कर रहा है और वैलिडेशन टास्क कि ऐसे डिफरेंट सेट को रेफर करता है जो insure करता है कि जो सॉफ्टवेयर बनाया गया है वह कस्टमर रिक्वायरमेंट के लिए Trace करने लायक है | यानि अगर वेरिफिकेशन यह बताता है कि क्या हम प्रोडक्ट को सही तरीके से बना रहे हैं तो वैलिडेशन का मतलब होगा कि क्या हम सही प्रोडक्ट बना रहे हैं | I hope आप इस डिफरेंस को समझ गए होंगे |

Types of Software Testing

इन्हें 2 तरीके से बांटा जाता है | पहला है इसके 2 types Manual and Automation Testing माने जाते हैं और दूसरा Functional, non-functional और Maintance Testing भी इसके 2 types माने जाते हैं आइए इन दोनों के बारे में जानते हैं |

Manual and Automation Testing

Manual Testing में Manually Software Testing करना होता है यानी किसी ऑटोमेटेड टूल के बिना टेस्टिंग करना | इसकी कई stages में यूनिट टेस्टिंग, इंटीग्रेशन टेस्टिंग सिस्टम टेस्टिंग और यूजर एक्सेप्टेंस टेस्टिंग शामिल होती है |

और ऑटोमेशन टेस्टिंग जैसे टेस्ट ऑटोमेशन भी कहा जाता है उसमें Tester Script लिखता है और दूसरे सॉफ्टवेयर का यूज करके प्रोडक्ट को टेस्ट करता है | अब बात करते हैं Functional Testing and Non Functional Testing और Maintance Testing के टाइप की |

Funcational testing

सबसे पहले फंग्शनल टेस्टिंग की बात करें तो इसमें सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन की फंक्शनल aspects की testing आती है जब आप funcational test कर रहे होंगे तो आपको हर फंक्शनैलिटी को टेस्ट करना होगा और यह देखना होगा कि आपको डिजायर्ड रिजल्ट मिल रहे हैं या नहीं |

Non Funcational testing

ये एक एप्लीकेशन की non-functional aspects जैसे की performance रिलायबिलिटी यूजीपीईटी सिक्योरिटी etc की टेस्टिंग होती है | यह टेस्ट फंक्शनल टेस्ट के बाद perform किए जाते हैं | इस तरह की टेस्टिंग के जरिए सॉफ्टवेयर क्वालिटी को बहुत ज्यादा इंप्रूव किया जा सकता है | ये टेस्ट मैनुअली रन नहीं करते हैं बल्कि टूल्स के जरिए excute होते हैं |

Maintance Testing

सॉफ्टवेयर के रिलीज से पहले तो उसकी टेस्टिंग होती ही है लेकिन उसके रिलीज के बाद भी उसकी टेस्टिंग जरूरी होती है और सॉफ्टवेयर की रिलीज के बाद उसकी टेस्टिंग होना Maintance Testing कहलाता है | इसके 2 टाइप्स होते हैं कन्फर्मेशन टेस्टिंग जिसमें मॉडिफाइड फंक्शनैलिटी की टेस्टिंग होती है और Regration Testing जिसमें एक्जिस्टिंग फंक्शनैलिटी की टेस्टिंग आती है |

Conclusion

दोस्तों अब आप जान गए है कि सॉफ्टवेयर टेस्टिंग क्या होती है ? (What is Software Testing : Bug Boundy in 2022) यह इतनी important क्यों होती है | इससे क्या क्या बेनिफिट मिलते हैं और इसके कितने टाइप होते हैं ? ऐसे में हमें उम्मीद है कि आपको सॉफ्टवेयर टेस्टिंग के बारे में काफी कुछ समझ आ गया होगा जो आपके लिए काफी मददगार रहेगा | यह Article आपको कैसा लगा हमे Comment Box में लिखकर जरूर बताइएगा और अगर आपका कोई सवाल है जिसका जवाब आप चाहते हैं article देखना चाहते हैं तो प्लीज आप अपना सवाल हमें लिखकर भेजिए |

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2 thoughts on “What is Software Testing : Bug Boundy in 2022

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